whatsapp-share-iconfacebook-share-icontwitter-share-iconshare-icon

Chhattisgarh: राहुल का सबक 

संगठन सृजन अभियान के तहत चुने गए जिला अध्यक्षों को राहुल ने दिलचस्प उदाहरणों से एक ही सबक दिया है - “संगठन सर्वोपरि,समन्वय संतुलन विनम्रता के साथ काम करिए।परिक्रमा नहीं।”

टॉप न्यूज़
By: याज्ञवल्क्य
9 hours ago
Chhattisgarh: राहुल का सबक 

Raipur,21 June 2026। संगठन सृजन के तहत अध्यक्ष पद पर चयनित जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने करीब दो घंटे की क्लास ली। इस क्लास में संवाद एक तरफ़ा नहीं था। कई प्रश्न राहुल ने पूछे तो उनसे भी कई प्रश्न पूछे गए। राहुल ने बातों को बेहतर समझाने के लिए क्लास में बैठे विद्यार्थियों याने जिला अध्यक्षों को ही कई मसलों पर जीवंत उदाहरण या कि प्रतीक बनाकर खड़े किया और समझाया। 

मानिए कि ये तीन लोग…
राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को प्रतीक के ज़रिए बताया कि, क्या अब तक होता रहा है और क्या अब नहीं होना है। राहुल गांधी ने ज़िलाध्यक्षों में तीन को खड़ा किया और कहा -“मानिए कि ये तीन लोग सिंहदेव,भूपेश और महंत हैं।ये तीन अलग दिखते हैं। लेकिन तीनों एक हैं। तीनों की पहचान संगठन है। संगठन से बाहर संगठन से बड़ा कोई नहीं है,और यह बात आप लोगों को याद रखनी है। समन्वय रखिए,सम्मान करिए लेकिन करना वही है जो संगठन के हित में संगठन के निर्देश पर हो।”

जीवंत पिरामिड बनाया 
राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को यह समझाया कि, संगठन परिक्रमा वाद से या प्रदक्षिणा या झुकने से नहीं चलता। राहुल गांधी ने उन्हीं जिला अध्यक्षों में से कुछ को खड़ा किया और पिरामिड बनवाया। इस में सबसे उपर एक को कुर्सी पर खड़ा किया,उसके नीचे एक को झुक कर प्रणाम करते,एक को घुटने के बल बैठे और एक को दंडनीय करते हुए प्रदर्शित किया। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा-“यह वह पैटर्न है जो बंद करना है। मानिए कि जो कुर्सी पर है वो सीएम है या प्रदेश अध्यक्ष है,दूसरे नंबर पर मंत्री है,एक संगठन का बंदा है और सबसे नीचे संगठन के अंतिम पायदान का व्यक्ति है। यह पैटर्न नहीं चलेगा। किसी एक पर आश्रित होकर काम नहीं किया जाता है। आपको भी आश्रित नहीं होना है। संगठन ही सत्ता को नियंत्रित करता है। सत्ता संगठन को नियंत्रित नहीं करती।”

कर्नाटक का उदाहरण दिया 
संगठन महत्वपूर्ण है,व्यक्ति या उसका अहं या अहंकार नही। राहुल ने इस बात के साथ कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का नाम लिया। राहुल गांधी ने कहा -“सिद्धारमैया इतने सीनियर लीडर हैं। उन्होंने ढाई साल की संगठन की बात का मान रखा।इससे उनका सम्मान बढ़ा। उनके निर्णय से संगठन का मान बढ़ा।”राहुल गांधी ने कहा -“कोई व्यक्ति हमेशा एक जगह नहीं रह सकता। समय आने पर जगह छोड़ देना चाहिए।”

कांग्रेस क्यों लड़ पा रही है 
राहुल गांधी ने संवाद को जीवंत रखा। उन्होंने अध्यक्षों से प्रश्न किए भी और प्रश्न लिए भी। राहुल गांधी ने सवाल किया-“क्या आप बता सकते हैं कई राज्यों में पार्टियां सरकार से बाहर जाती हैं और उन्हें परेशानी होती है,वे टूट जा रही हैं पर कांग्रेस में ऐसा क्यों नहीं हो रहा ?” राहुल ने एक सवाल यह भी पूछा -“नरेंद्र मोदी को लेकर आप लोग का नज़रिया क्या है ? वे क्या कर रहे हैं ?” राहुल गांधी से जिला अध्यक्षों ने संगठन के पेंच को लेकर सवाल किया जिसका जवाब राहुल गांधी ने दिया। राहुल गांधी ने कहा-“लोकतंत्र से देश चलता है। बीजेपी से वही लड़ सकती है जो लोकतंत्र से चलती है। बीजेपी लोकतंत्र को नहीं मानती। याद रखिए वो दल जिनमें लोकतंत्र नहीं है वह दल नहीं टिक सकता।”

नरेंद्र मोदी पर राहुल बोले 
नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी ने सवाल जवाब के क्रम में आए जवाब के बाद कहा कि वे भारत की मूल पहचान और मूल प्रकृति के खिलाफ काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा-“मोदी एक झंडे के नीचे सबको लाना चाहते हैं।ये कैसे संभव है। भारत बहुलतावादी है,अनेकता में एकता हमारी संस्कृति का हिस्सा है।बहुत से धर्म बहुत सी जातियां हैं। इन सबको संविधान से अधिकार मिला है। और मोदी बिल्कुल उल्टा कर रहे हैं।”

आपके काम का मूल्यांकन होगा 
राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को कहा कि, उन्हें बेहतर से बेहतरीन काम करना होगा। सबका मूल्यांकन होता रहेगा। बिलाशक आपकी राय चुनाव में सर्वोपरि होगी लेकिन उसकी अनिवार्यता यही है कि आप बेहतरीन काम करें। आपको संगठन के हित में काम करना है और उसे मजबूती देनी है। आपको परिक्रमा नहीं करना है आपको दंडवत् नहीं होना है।लेकिन आपको सम्मान में कमी नहीं करनी है। समन्वय और संतुलन के साथ काम करिए।” राहुल गांधी ने यह कहते हुए मार्शल आर्ट जुगुप्सू का उदाहरण दिया और कहा -“ग्राउंड को पकड़िए याने कि धरातल को समझिए। बैलेंस बनाइए याने कि स्थिर रहिए।खुद पर नियंत्रण रखिए।” राहुल ने समझाया कि बीजेपी से लड़ाई कैसे लड़नी है। 

बड़े नेताओं को तब दिक्कत 
राहुल गांधी ने प्रश्नोत्तर के क्रम में यह कहा है कि संगठन सर्वोपरि है यह केवल बात नहीं है।यह बात सबसे महत्वपूर्ण है इसलिए आप का चयन हुआ और आज आप यहां हैं। राहुल गांधी ने कहा -“यदि ऐसा होता है कि,बड़े नेता संगठन को तवज्जो नहीं देते। अहमियत नहीं दे रहे हैं,सहयोग नहीं कर रहे हैं तो उन्हें दिक्कत हो सकती है और ये दिक्कत गंभीर होगी।लेकिन याद रखिए आपको खुद विनम्र रहते हुए संतुलन बनाए रखना है।”

 

 

home icon

होम

short icon

शॉर्ट्स